रेंगाखार, कबीरधाम। डिजिटल युग में इंटरनेट अब विलासिता नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, बैंकिंग, व्यापार और सरकारी सेवाओं तक पहुंच का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। ऐसे समय में कबीरधाम जिले के तहसील मुख्यालय रेंगाखार के हजारों नागरिक आज भी बेहतर इंटरनेट सुविधा से वंचित हैं। तहसील का दर्जा मिलने के बाद क्षेत्रवासियों को विकास की नई उम्मीद जगी थी, लेकिन मोबाइल नेटवर्क की समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है।

रेंगाखार में वर्तमान समय में केवल बीएसएनएल का मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बीएसएनएल की इंटरनेट गति अक्सर इतनी धीमी रहती है कि सामान्य ऑनलाइन कार्य भी समय पर पूरे नहीं हो पाते। विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई और परीक्षा संबंधी कार्यों में, युवाओं को नौकरी के आवेदन में, किसानों को सरकारी पोर्टलों के उपयोग में, व्यापारियों को डिजिटल लेन-देन में तथा आम नागरिकों को बैंकिंग और अन्य ऑनलाइन सेवाओं में लगातार परेशानी का सामना करना पड़ता है।

Bsnl नेटवर्क (तहसील कार्यालय के समीप)

क्षेत्रवासियों का कहना है कि रेंगाखार में जियो का मोबाइल टावर स्थापित है, लेकिन लंबे समय से उसका संचालन शुरू नहीं हो पाया है। यदि यह टावर चालू हो जाए तो तहसील मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्र के हजारों लोगों को तेज और विश्वसनीय मोबाइल नेटवर्क की सुविधा मिल सकती है।

सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि बरेंडा, खम्हरिया, लावा और तितरी जैसे आसपास के गांवों में जियो नेटवर्क उपलब्ध है और लोग बेहतर इंटरनेट सेवा का लाभ उठा रहे हैं, जबकि तहसील मुख्यालय रेंगाखार आज भी केवल धीमे बीएसएनएल नेटवर्क के भरोसे है। यह स्थिति क्षेत्रवासियों के बीच चर्चा और असंतोष का विषय बनी हुई है।

जिओ नेटवर्क जो की अब तक चालू नहीं हुआ है

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आज जब शासन की अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन हो चुकी हैं, तब तहसील मुख्यालय में गुणवत्तापूर्ण इंटरनेट सुविधा का अभाव विकास की गति को प्रभावित कर रहा है। लोगों का मानना है कि इस समस्या के समाधान के लिए संबंधित दूरसंचार विभाग, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को प्राथमिकता के आधार पर पहल करनी चाहिए।

क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि रेंगाखार में स्थापित जियो टावर को शीघ्र चालू कराया जाए तथा तहसील मुख्यालय को उसकी प्रशासनिक गरिमा के अनुरूप बेहतर मोबाइल और इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि लोगों को डिजिटल युग में बुनियादी संचार सुविधा के लिए संघर्ष न करना पड़े।

रेंगाखार से कोमल निर्मलकर की रिपोर्ट:

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