रेंगाखार, कबीरधाम। लगातार हो रही बारिश के बीच रेंगाखार से अडवार जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित नदी ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। नदी पर केवल एक रपटा (कॉजवे) बना होने के कारण जलस्तर बढ़ते ही वह पूरी तरह डूब जाता है। ऐसे में आसपास के ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं।

यह मार्ग कई गांवों के लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख रास्ता है। प्रतिदिन विद्यार्थी, किसान, मजदूर, मरीज और आम नागरिक इसी मार्ग से आना-जाना करते हैं। बारिश के दौरान नदी में तेज बहाव होने के बावजूद मजबूरी में लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। इससे हर समय किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से इस स्थान पर ऊँचे पुल की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक केवल रपटा होने के कारण हर वर्ष बरसात में यही स्थिति बन जाती है। कई बार लोगों को घंटों तक नदी का जलस्तर कम होने का इंतजार करना पड़ता है, जिससे जरूरी कार्य प्रभावित होते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी मरीज को तत्काल अस्पताल ले जाना पड़े या कोई आपातकालीन स्थिति उत्पन्न हो जाए तो यह मार्ग पूरी तरह बंद हो जाता है। ऐसे में लोगों की जान पर बन आती है।
ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि रेंगाखार–अडवार मार्ग पर नदी के ऊपर शीघ्र ही एक ऊँचे एवं स्थायी पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि बरसात के दिनों में लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार न करनी पड़े और क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
