उखड़ती छत, टपकता पानी… आखिर कब मिलेगा सरईपतेरा के बच्चों को सुरक्षित स्कूल?
सरईपतेरा प्राथमिक शाला का जर्जर भवन बना चिंता का विषय। रेंगाखार क्षेत्र में बच्चों को स्कूल के बजाय खाद्य गोदाम में पढ़ना पड़ रहा है, ग्रामीणों ने नए भवन की मांग उठाई।
सरईपतेरा प्राथमिक शाला का जर्जर भवन बना चिंता का विषय। रेंगाखार क्षेत्र में बच्चों को स्कूल के बजाय खाद्य गोदाम में पढ़ना पड़ रहा है, ग्रामीणों ने नए भवन की मांग उठाई।
रेंगाखार-अडवार नदी रपटा में गड्ढे से स्कूली बच्चों, ग्रामीणों, बसों और अन्य वाहनों की आवाजाही खतरे में है। जानकारी के बाद भी PWD द्वारा मरम्मत नहीं कराए जाने से हादसे की आशंका बढ़ गई है।
रेंगाखार जलाशय की ₹2.24 करोड़ की नहर में समय से पहले आई दरारों ने निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों ने चेतावनी दी है कि जल्द मरम्मत नहीं हुई तो सिंचाई व्यवस्था और धान की खेती पर गंभीर असर पड़ सकता है।
रेंगाखार तहसील मुख्यालय आज भी धीमे बीएसएनएल इंटरनेट के भरोसे है। जियो टावर स्थापित होने के बावजूद सेवा शुरू नहीं होने से हजारों क्षेत्रवासी ऑनलाइन सेवाओं, शिक्षा, बैंकिंग और डिजिटल कार्यों में परेशानी झेल रहे हैं।
रेंगाखार से अडवार मार्ग पर नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण जान जोखिम में डालकर रपटा पार करने को मजबूर हैं। वर्षों से ऊँचे पुल की मांग लंबित है। पढ़ें पूरी खबर – वनाँचल टाइम्स।