राज्य के शिक्षकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार द्वारा राज्यसभा में पेश किए गए आरटीई संशोधन विधेयक 2026 के पास होने के बाद प्रदेश के लगभग 81 हजार शिक्षकों को टीईटी (Teacher Eligibility Test) से छूट मिल सकती है।इस प्रस्ताव के अनुसार, जिन शिक्षकों की नियुक्ति आरटीई कानून लागू होने से पहले हुई थी, उन्हें अब टीईटी पास करना अनिवार्य नहीं रहेगा। इससे प्रदेश सहित पूरे देश के लाखों शिक्षकों को राहत मिलने की संभावना है।
क्या है पूरा मामला?
सरकार ने शिक्षा के अधिकार (RTE) कानून में संशोधन करते हुए यह स्पष्ट किया है कि पुराने शिक्षकों पर नई योग्यता लागू नहीं होगी। इसका मतलब है कि उनकी नौकरी, प्रमोशन, सीनियरिटी और रिटायरमेंट बेनिफिट्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा।यदि कोई शिक्षक नए नियमों के तहत परीक्षा पास नहीं करता है, तब भी उसके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

कितने शिक्षकों को मिलेगा लाभ?
प्रदेश में करीब 81 हजार शिक्षक इस फैसले से प्रभावित होंगे:
44 हजार शिक्षक
5 हजार प्रधान पाठक
32 हजार सहायक शिक्षक
क्यों लाया गया यह बिल?
यह विधेयक Supreme Court of India के 1 सितंबर 2025 के फैसले के बाद लाया गया है। उस फैसले में पुराने शिक्षकों पर भी TET लागू करने की बात कही गई थी, जिससे शिक्षकों पर परीक्षा पास करने का दबाव बढ़ गया था।
भविष्य में क्या बदलेंगे नियम?
सरकार ने साफ किया है कि:
TET की शर्तें अब केवल नई भर्तियों पर लागू होंगी
पुराने शिक्षकों को परीक्षा से छूट मिलेगी
ट्रेनिंग और स्किल अपग्रेडेशन जारी रहेगा
शिक्षकों को क्या फायदा होगा?
नौकरी सुरक्षित रहेगी
प्रमोशन पर असर नहीं पड़ेगा
मानसिक तनाव कम होगा
सेवा शर्तों में स्थिरता आएगी
