नई दिल्ली: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने पुराने वाहनों के फिटनेस टेस्ट की फीस में भारी बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू हो जाएंगी। इसके तहत 15 साल से ज्यादा पुरानी कारों और बाइकों के रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल और फिटनेस सर्टिफिकेट के लिए अब 10 गुना तक ज्यादा शुल्क चुकाना पड़ेगा।

नई फिटनेस फीस इस प्रकार है:
- 15 साल से ज्यादा पुरानी कार/जीप/व्यक्तिगत वाहन – ₹15,000
- 15 साल से ज्यादा पुरानी दोपहिया (बाइक/स्कूटर) – ₹2,000
- तीन पहिया वाहन (ऑटो रिक्शा आदि) – ₹5,000 से ₹8,000 तक
- कमर्शियल वाहन (ट्रक, बस आदि) – ₹20,000 से ₹50,000 तक (श्रेणी के अनुसार)
पहले ये शुल्क सिर्फ ₹200 से ₹1,500 तक ही थे। मंत्रालय का कहना है कि बढ़ी हुई फीस से ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर (Automated Testing Stations) की संख्या बढ़ेगी और वाहनों की सेफ्टी व प्रदूषण जाँच ज्यादा सटीक होगी।

पुराने वाहन मालिकों में नाराजगी
लोगों का कहना है कि पहले से ही महंगाई और पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ चुके हैं, ऊपर से इतनी भारी फीस लगाना आम आदमी की जेब पर बोझ डालेगा। कई लोग तो अब अपनी पुरानी गाड़ी स्क्रैप कराने की सोच रहे हैं।
सरकार ने हालांकि राहत भी दी है। 15 साल से कम पुरानी निजी गाड़ियों के लिए अभी भी पुरानी दरें ही लागू रहेंगी। साथ ही ग्रीन टैक्स और स्क्रैपेज पॉलिसी के तहत पुराने वाहन बदलने पर छूट भी मिलेगी।
अगर आपकी कार या बाइक 15 साल से ज्यादा पुरानी है, तो अभी से तैयारी शुरू कर दें, क्योंकि अप्रैल 2026 से फिटनेस कराना बहुत महंगा हो जाएगा!
